दिति देव और वास्तु

lecture 58 

अदिति - 

कार्य - 

दिति 

कार्य - दृष्टि प्रदान करना

चक्र - सहस्त्रार 


दिति कश्यप की पत्नी, दक्ष प्रजापति की कन्या तथा दैत्यों की माता थी।


वास्तु में इन शक्ति को दृष्टि प्रदान करने वाली, अभिव्यक्ति को आकार देने वाली बताया गया है. किसी वस्तु के वास्तविक रूप दिखाने वाली, रूढ़िवादी परम्पराओं से आगे बढ़ाने वाली माना गया है. ये शक्ति असंतुलित होने पर मन में स्पष्टता नहीं रहती. दिति कश्यप की पत्नी, दक्ष प्रजापति की कन्या तथा दैत्यों की माता थी। अदिति के पुत्रों ने इंद्र के नेतृत्व में दैत्यों का संहार किया। दिति ने इंद्र का नाश करनेवाले पुत्र की याचना की। पर इंद्र ने चालाकी से इस बालक को गर्भ में ही उनचास टुकड़ों में काट डाला। ये ही टुकड़े 'मरुत' नाम से विख्यात हुए.

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